Dr. B K Passi
शिक्षाविद् स्वर्गीय डॉ. पासी एक विलक्षण व्यक्ति थे, जो चंडीगढ़ के पंजाब विवि के एडवांस शिक्षा केंद्र में सबसे छोटी उम्र में सीधे प्रोफ़ेसर बनने वाले देश के संभवतः पहले व्यक्ति थे मात्र 23 या 25 बरस की उम्र में, माईक्रोटीचिंग को लेकर उनका काम पूरी दुनिया में अनूठा और अदभुत था. इंदौर के शिक्षा विभाग को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (देवी अहिल्या विवि का यह केंद्र, जो भंवर कुआं पर है) बनाने का पूरा श्रेय डा. पासी और उनके नवोन्मेषी विचारों को जाता है l बी. के. पासी एक व्यक्ति का नाम है, जो शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और उन्होंने सूक्ष्म शिक्षण (Microteaching) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सूक्ष्म शिक्षण (Microteaching) की एक परिभाषा दी है, जो एक शिक्षक प्रशिक्षण तकनीक है जिसमें शिक्षकों को कम समय में, कम छात्रों के साथ, विशिष्ट शिक्षण कौशल का अभ्यास कराया जाता है l
राष्ट्र की गुणवत्ता में सुधार करने और विकसित देशों के बीच खड़े होने में सहायता देने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली उपकरण है . (Education is most power full tool to improve the quality of nation and give support to stand between developed countries.)

